विपिन जोशी
बैजनाथ अस्पताल में दबंगई: नशे में धुत युवकों ने महिला नर्सिंग ऑफिसर से की बदसलूकी,डी एम ऑफिस का दिया हवाला
गरुड़ (बागेश्वर): जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ में बीती रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तीमारदार बनकर आए दो युवकों ने अस्पताल स्टाफ और महिला नर्सिंग ऑफिसर के मनीषा आर्या के साथ अभद्रता की। युवकों पर आरोप है कि वे नशे की हालत में थे और सरकारी काम में बाधा डालते हुए स्वास्थ्य कर्मियों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
क्या है पूरा मामला?

नर्सिंग अधिकारी मनीषा आर्या के मुताबिक़, कल रात करीब 10:00 बजे दो युवक अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां तैनात नर्सिंग अधिकारी मनीषा आर्या से किसी भर्ती महिला मरीज के बारे में पूछताछ की। जब मनीषा आर्या ने रजिस्टर चेक कर बताया कि उस नाम की कोई भी महिला अस्पताल में एडमिट नहीं है, तो युवक अचानक भड़क गए।
“DM ऑफिस में काम करते हैं, मेरा क्या लोगे”
प्रत्यक्षदर्शियों और स्टाफ के अनुसार, युवकों ने अस्पताल परिसर में जमकर गाली-गलौज की और मरीजों को भी परेशान किया। खुद को रसूखदार बताते हुए एक युवक ने नर्सिंग ऑफिसर को धमकाते हुए कहा, “मैं डीएम ऑफिस में काम करता हूं, मेरा क्या लोगे।” इस धमकी से अस्पताल के कर्मचारी सहम गए, लेकिन उन्होंने तुरंत इसकी सूचना उच्चाधिकारियों और पुलिस को दी।
पुलिस कार्रवाई और मांग
चिकित्सा प्रभारी डॉ. सपना ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए बताया कि स्वास्थ्य कर्मी रात-दिन विषम परिस्थितियों में सेवा दे रहे हैं, ऐसे में इस तरह की घटनाएं मनोबल गिराती हैं। उन्होंने बताया कि सुबह से दो बार कोतवाली में सूचना दी गई।
शाम 4:00 बजे पुलिस द्वारा प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।स्टाफ ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
एसएचओ बैजनाथ- उक्त मामले में प्राथमिकी दर्ज करा ली हैं। तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। जाँच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी ।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
गरुड़ क्षेत्र में इस तरह की यह पहली घटना है जहाँ जिलाधिकारी कार्यालय का नाम लेकर सरकारी कर्मियों को डराने की कोशिश की गई है। स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों ने स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की है।


















