गरुड़ में गोल ज्यू संदेश यात्रा का ऐतिहासिक स्वागत: भक्ति और संस्कृति के संगम से अभिभूत हुए श्रद्धालु
दिनांक: 29/04/2026, गरुड़ (बागेश्वर)
🚩 जय गोल ज्यू महाराज!🚩
उत्तराखंड के जनमानस में न्याय के देवता के रूप में पूजे जाने वाले गोल ज्यू महाराज की भव्य ‘गोल ज्यू संदेश यात्रा’ आज अपने दसवें दिन बागेश्वर जिले के गरुड़ क्षेत्र पहुँची। ‘अपनी धरोहर सांस्कृतिक मंच’ के तत्वाधान में आयोजित यह बीस दिवसीय अलौकिक यात्रा, गरुड़ स्थित ऐतिहासिक गोल ज्यू मंदिर पड़ाव पर पहुँची, जहाँ स्थानीय नागरिकों ने इसका ऐसा भव्य और अभूतपूर्व स्वागत किया, जो गरुड़ के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।

यात्रा के आगमन की सूचना मात्र से ही गरुड़ की सड़कें भक्तों के हुजूम से पट गई थीं। भक्तों का उत्साह और उल्लास देखते ही बनता था। हर तरफ ‘जय गोल ज्यू महाराज’ और ‘न्याय के देवता की जय’ के जयकारे गूंज रहे थे। जैसे ही गोल ज्यू महाराज का सुसज्जित रथ गरुड़ सीमा में दाखिल हुआ, माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। स्थानीय नागरिकों ने पलक-पावड़े बिछाकर यात्रा का स्वागत किया। महिलाओं और पुरुषों ने पुष्पवर्षा की, तो वहीं पारंपरिक वाद्ययंत्रों (ढोल, दमाऊ, हुड़का) की थाप पर लोक कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर माहौल को और भी जीवंत बना दिया। महाराज के रथ के दर्शन पाने और आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई थीं।
यात्रा का उद्देश्य: जन-जन तक गोल ज्यू का संदेश पहुँचाना – विजय भट्ट
यात्रा के आयोजक ‘अपनी धरोहर’ के अध्यक्ष विजय भट्ट ने इस ऐतिहासिक पड़ाव पर ‘हिंदुस्तान संवादददाता’ के साथ एक विशेष मुलाक़ात के दौरान यात्रा के दूरगामी उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह यात्रा बीस दिनों तक चलेगी और कुमाऊँ व गढ़वाल के विभिन्न मुख्य पड़ावों से होकर गुजरेगी। आज दसवें दिन यात्रा गरुड़ पहुँची है। श्री भट्ट ने जोर देकर कहा, “इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गोल ज्यू महाराज के जीवन संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। वे न्याय और सत्य के प्रतीक हैं। साथ ही, यह यात्रा सांस्कृतिक रूप से कुमाऊँ और गढ़वाल क्षेत्र को आपस में जोड़ती भी है, जिससे हमारी समृद्ध विरासत और मजबूत हो।”
स्वतः ही उमड़ पड़ती है भक्तों की आस्था – हरीश जोशी-
यात्रा के गरुड़ संयोजक हरीश जोशी ने कहा कि गोल ज्यू महाराज के प्रति जन मानस में अगाध आस्था और विश्वास है। यही कारण है कि जैसे ही यात्रा की सूचना मिलती है, लोग बिना किसी बुलावे के स्वतः ही स्वागत हेतु पहुँच जाते हैं। वे गोल ज्यू की जागर गाथा और दिव्य संदेश सुनते हैं, आशीर्वचन (आशीर्वाद) सुनते हैं और प्रसाद प्राप्त कर निहाल हो उठते हैं।
यात्रा में शामिल प्रमुख व्यक्तित्व और श्रद्धालु
इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक यात्रा में बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति और श्रद्धालु शामिल रहे। यात्रा में स्वयं गोल ज्यू के ‘देव डांगर’ दिव्य रूप में मौजूद रहे, जिनके दर्शन मात्र से भक्त अभिभूत थे। साथ ही मुख्य जागरी मोहन राम, पुरोला के पूर्व विधायक लाखी राम, भुवन कांडपाल, मोहन जोशी, पूर्व प्रधानाचार्य नंदन सिंह अलमिया, कैलाश पधान, नीरज पंत, चंद्र शेखर, घनश्याम जोशी, प्रकाश कोहली, कैलाश जोशी, रवि बिष्ट, नीमा देवी, पुष्पा पांडे सहित विवेकानंद विद्या मंदिर के विद्यार्थी और शिक्षक तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी इस भव्य आयोजन के साक्षी बने।

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