बैजनाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ा खुलासा: दस्तावेजों में तैनाती, हकीकत में गायब
गरुड़ (बागेश्वर): जनपद के बैजनाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में अनियमितताओं और स्वास्थ्य कर्मियों के गायब होने का एक गंभीर मामला सामने आया है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
RTI में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
शिकायतकर्ता गिरीश कोरंगा द्वारा लगाई गई आरटीआई से यह स्पष्ट हुआ है कि केंद्र में तैनात फार्मासिस्ट के दस्तावेजों और वास्तविक तैनाती में भारी अंतर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार:
* रिकॉर्ड के अनुसार फार्मासिस्ट की तैनाती बैजनाथ CHC में है।
हकीकत में उक्त फार्मासिस्ट हल्द्वानी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
आरोप है कि विभागीय साठगांठ के चलते कागजों पर उपस्थिति दर्ज कर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

प्रशासनिक रुख और चेतावनी
मामला गरमाने के बाद एसडीएम गरुड़ ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा:
यदि भविष्य में होने वाले औचक निरीक्षण के दौरान अटैचमेंट (सम्बद्धीकरण) संबंधी कोई भी खामी पाई गई, तो दोषियों के विरुद्ध त्वरित और सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।”
एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से संबंधित चिकित्सक को पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।
इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए एमओआईसी (MOIC) डॉ. सपना राजपूत ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किसी भी कर्मचारी या डॉक्टर का अटैचमेंट सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के माध्यम से किया जाता है।
दो साल पूर्व निकले शासनादेश के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में अप स्वास्थ्य केंद्रों की जिमेदारी एएनएम को होती है इसलिए वहां से फार्मासिस्टों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ में नियुक्त किया गया । स्थानीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
विपिन जोशी, गरुड़


















