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आधुनिक सुविधाओं से लैस गरुड़ पुस्तकालय

विपिन जोशी
शिक्षा और जागरूकता का दशक
गरुड़ क्षेत्र में ज्ञान और शिक्षा की अलख जगाती ‘गरुड़ सिविल सोसायटी’ का प्रयास आज के डिजिटल युग में एक मिसाल बन गया है। पिछले एक दशक से निरंतर संचालित यह पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह मात्र नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को गढ़ने का एक सशक्त केंद्र बन चुका है।
गरुड़ पुस्तकालय: जहाँ किताबों के साथ संवर रहा है युवाओं का भविष्य
कुमाऊं के गरुड़ क्षेत्र में शिक्षा के प्रति अलख जगाने के उद्देश्य से ‘गरुड़ सिविल सोसायटी’ पिछले 10 वर्षों से एक सार्वजनिक पुस्तकालय का सफल संचालन कर रही है। इस पुस्तकालय का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए शांत वातावरण प्रदान करना, उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना और समाज में विचारवान नागरिकों का निर्माण करना है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस ज्ञान केंद्र
समय की मांग को देखते हुए इस पुस्तकालय को केवल पारंपरिक किताबों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे आधुनिक संसाधनों से भी जोड़ा गया है:
प्रतियोगी पत्रिकाएँ: विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहाँ नवीनतम मैगजीन और अध्ययन सामग्री उपलब्ध है। हिंदुस्तान समाचार पत्र, अमर उजाला, दैनिक जागरण, उत्तर उजाला यहाँ नियमित पढ़े जाये हैं ।
डिजिटल कनेक्टिविटी: शोध और ऑनलाइन पढ़ाई के लिए यहाँ हाई-स्पीड वाई-फाई इंटरनेट की व्यवस्था की गई है।साथ में सी सी टीवी भी लगा है ।
तकनीकी सहायता: विद्यार्थियों की सुविधा के लिए दस्तावेजीकरण हेतु फोटोस्टेट मशीन और टाइपिंग की सुविधाएं भी पुस्तकालय में मौजूद हैं।
सामुदायिक सहयोग की अनूठी मिसाल
इस ज्ञान यज्ञ को सफल बनाने में स्थानीय जागरूक नागरिकों का बड़ा योगदान है। सोसायटी के चंद्रशेखर बडशीला, डी.के. जोशी और हरीश जोशी जैसे कर्मठ लोग इस अभियान को निरंतर गति दे रहे हैं। समय-समय पर समाज के प्रबुद्ध वर्ग द्वारा यहाँ पुस्तकें दान की जाती हैं, जिससे पुस्तकालय का संग्रह लगातार समृद्ध हो रहा है।

अब तक पुस्तके दान दे चुके प्रमुख लोगों में सम्मानित नागरिकों में शामिल हैं – गोविन्द जोशी, बलवंत सिंह नेगी, लोकेश खोलिया, अनिरुद्ध जडेजा, मंगल मूर्ति संगठन, नागरिक मंच बागेश्वर, हल्द्वानी ऑनलाइन, गोपालदत्त भट्ट, नंदा बल्लभ पंत।
हाल ही में गरुड़ की तहसीलदार निशा रानी ने भी इस मुहिम की सराहना करते हुए पुस्तकालय को 37 महत्वपूर्ण पुस्तकें भेंट की हैं। प्रशासनिक स्तर पर मिलने वाला यह प्रोत्साहन न केवल सोसायटी के मनोबल को बढ़ाता है, बल्कि युवाओं को भी पुस्तकालय से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है।
आज जब युवा पीढ़ी मोबाइल और सोशल मीडिया के जाल में उलझ रही है, ऐसे समय में गरुड़ सिविल सोसायटी का यह पुस्तकालय ‘विद्यार्थी अध्ययन करें और विचारवान बनें’ के अपने ध्येय वाक्य को सार्थक कर रहा है। यह पुस्तकालय गरुड़ घाटी के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रहा है।
आप भी पढ़ने लिखने की मुहिम का हिस्सा बन सकते हैं – अपनी पुरानी किताबें पुस्तकालय को दान दे सकते हैं। किताबें सभी के काम आए, अपने बच्चों को कुछ पलों के लिए मोबाइल फ़ोन से दूर रख पुस्तकालय भ्रमण करा सकते हैं । गरुड़ सिविल सोसायटी तकनीक के युग में स्मार्ट डिजिटल बोर्ड के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग की तैयारी कर रही हैं ।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें पुस्तकालय के सदस्यों से पुस्तकालय सभी के लिए खुला है ।

गरुड़ सिविल सोसायटी पुस्तकालय
विमर्श के दौरान

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