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शिक्षा में समुदाय की भागीदारी

विपिन जोशी
संकुल संसाधन केंद्र गढशेर में सामुदायिक सहभागिता प्रशिक्षण जारी है।आज द्वितीय दिवस के प्रशिक्षण में ग्राम अना, डाक, फल्याटी, पाडियारखेत के अभिभावकों ने प्रतिभाग किया।
दूसरे दिवस का प्रारंभ प्रथम दिवस के रीकैप से किया गया। समुदाय का शिक्षा में योगदान। समग्र शिक्षा और शैक्षिक गुणवत्ता, बच्चों का स्कूल में ठहराव, बाल अधिकार शिकायत और निस्तारण, एमडीएम संचालन तथा गुणवत्ता आदि विषयों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने समूह कार्य करते हुए कैसा हो स्कूल हमारा विषय पर समूह चर्चा के बादचार्ट में अपने समूह के विचार लिखे और बारी बारी से प्रस्तुतिकरण भी किया। कुछ प्रमुख समस्याओं की ओर समूह ने ध्यान आकृष्ट कराया। जैसे विद्यालय भवन की कमी, खेल संसाधनों का आभाव, डिजिटल संसाधनों की कमी, शिक्षकों की कमी, बालिका बालक टॉयलेट की कमी आदि।
दूसरे दिवस की प्रमुख चर्चा में नई शिक्षा नीति के संदर्भ में एसएमसी की भूमिका, गुणवत्ता परक शिक्षा में समुदाय और स्कूल की संयुक्त भूमिका। एसएमसी और एसएमडीसी की भूमिका आदि मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण को रोचक बनाने के लिए प्रतिभागियों को डिजिटल लिट्रेसी और डिजिटल स्कैम के संबंध में जानकारी दी गई। डिजिटल फ्रॉड से बचने के तरीकों पर विचार किया गया। अंजान नंबर को नहीं उठाना, किसी को अपना OTP शेयर नहीं करना, संदेहास्पद नंबर की शिकायत साइबर सेल में करवाना आदि उपाय से डिजिटल फ्रॉड से बच सकते हैं। डिजिटल मीडिया का उपयोग बच्चों के सीखने में किया जा सकता है। बच्चों को कहानी, कविता, गणित की गतिविधियां, अन्य जानकारी परक गतिविधियों से जोड़ सकते हैं।
प्रशिक्षण का संचालन मास्टर ट्रेनर शोभा जोशी, स्वतंत्र पत्रकार विपिन जोशी ने संयुक्त रूप से किया. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने चार्ट में अपने परिवेश के किस्से, कहानियों को संकलित किया। पढ़ने लिखने की संस्कृति भी तभी विकसित होगी जब हम भी उन गतिविधियों में रुचि लेंगे। इसको गतिविधि के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।

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