विपिन जोशी
अब बारिश डराने लगी है. कल का दिन उतराखण्ड के लिए बहुत दुःखद रहा. कहीं मलवा मकानों में घुसा तो कहीं सड़क दुर्घटना ने हसती खेलती जिन्दगी को छीन लिया यह सोचनीय प्रश्न है. बारिश के सीजन में अब इतना नुकसान क्यों हो रहा है?
सितंबर 2026 में उत्तराखंड में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं। महीने का शुरुआती पखवाड़ा भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनियों के साथ शुरू हो रहा है, जबकि मध्य और अंतिम सप्ताह में मानसून के धीमा पड़ने की संभावना है।
1. सितंबर 2026 में बारिश का चरणबद्ध पूर्वानुमान
- प्रथम सप्ताह (1 से 7 सितंबर – अत्यधिक सक्रिय मानसून): भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सितंबर के पहले सप्ताह में प्रदेशभर में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। नैनीताल, देहरादून, बागेश्वर, चम्पावत और पौड़ी गढ़वाल में कहीं-कहीं अत्यंत तीव्र बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।
- द्वितीय सप्ताह (8 से 15 सितंबर – रुक-रुक कर बारिश): इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों (पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी) में मध्यम बारिश और निचले मैदानी इलाकों (हरिद्वार, उधम सिंह नगर) में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं।
- उत्तरार्द्ध (16 से 30 सितंबर – मानसून की वापसी): सितंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में मानसूनी हवाएं धीरे-धीरे कमजोर होंगी। तापमान में हल्की गिरावट आएगी और सुबह-शाम ठंडी हवाएं शुरू हो जाएंगी।
2. क्षेत्रवार संभावित प्रभाव
| क्षेत्र | मौसम की स्थिति | मुख्य प्रभावित जिले |
|---|---|---|
| कुमाऊं मंडल | भारी वर्षा और गरज के साथ बौछारें | नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत |
| गढ़वाल मंडल | मध्यम से तेज बारिश, बादल छाए रहना | देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग |
| मैदानी क्षेत्र | जलभराव और हल्की से मध्यम बारिश | उधम सिंह नगर, हरिद्वार |
3. प्रमुख जोखिम और सावधानियां
- भूस्खलन (Landslides): पहाड़ों पर संवेदनशील ढलानों और राष्ट्रीय राजमार्गों (विशेषकर चारधाम मार्ग) पर भूस्खलन व चट्टानें गिरने का खतरा है।
- नदी-नालों का जलस्तर: लगातार बारिश से अलकनंदा, मंदाकिनी, गंगा और सरयू जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे तटीय इलाकों में अलर्ट की आवश्यकता है।
- यात्रा सलाह: पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मौसम विभाग (IMD) की दैनिक चेतावनियों को देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

















